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गणपति अथर्वशीर्ष 21 आवर्तन अभिषेक

विवरण:

 

गणपति अथर्वशीर्ष 21 आवर्तन अभिषेक भगवान गणेश को समर्पित एक पवित्र अनुष्ठान है, जिसमें अभिषेक (मूर्ति को स्नान कराने की विधि) के साथ-साथ पवित्र ग्रंथ अथर्वशीर्ष का 21 बार पाठ किया जाता है।

गणपति पूजा में 21 संख्या का विशेष महत्व है - भक्त परंपरागत रूप से भगवान गणेश को 21 दूर्वा (दूब घास), 21 मोदक और 21 नमस्कार अर्पित करते हैं।

समारोह में निम्नलिखित शामिल हैं:

1. गणेश पूजन एवं संकल्प

2. अथर्वशीर्ष का 21 बार जाप करना।

3. पंचामृत अभिषेक (दूध, दही, घी, शहद, चीनी)

4. दूर्वा, लाल फूल और मोदक का अर्पण।

5. आरती और प्रसाद वितरण

यह पूजा आमतौर पर संकष्टी चतुर्थी, गणेश चतुर्थी पर, नए काम की शुरुआत से पहले, परीक्षा से पहले, व्यावसायिक उपक्रमों से पहले या महत्वपूर्ण पारिवारिक कार्यक्रमों से पहले की जाती है।

महत्त्व :

 

1. रोजमर्रा की बाधाओं को दूर करता है: करियर, शिक्षा, विवाह और व्यवसाय में आने वाली बाधाओं को दूर करने में मदद करता है।

2. मानसिक शांति और एकाग्रता लाता है: अथर्वशीर्ष का बार-बार जाप करने से एकाग्रता और आत्मविश्वास मजबूत होता है।

3. समृद्धि और स्थिरता का आह्वान: भगवान गणेश का आशीर्वाद निरंतर विकास और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करता है।

4. आध्यात्मिक सुरक्षा: घर और परिवार के चारों ओर एक सुरक्षात्मक सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण करता है।

5. शुभ आरंभ अनुष्ठान: दैवीय आशीर्वाद के साथ नए उपक्रमों या जीवन के नए चरणों की शुरुआत के लिए आदर्श।

सामग्री

सूची

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