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ऑनलाइन पुरुष सूक्त
16 आवर्तन अभिषेक

विवरण:

 

पुरुष सूक्त 16 आवर्तन अभिषेक एक पवित्र वैदिक अनुष्ठान है जिसमें परिवार की परंपरा के अनुसार, देवता, आमतौर पर भगवान विष्णु, नारायण या शिव को अभिषेक (स्नान) करते समय शक्तिशाली भजन पुरुष सूक्त का 16 बार पाठ किया जाता है।

ऋग्वेद में वर्णित पुरुष सूक्त में परम सत्ता (पुरुष) के ब्रह्मांडीय स्वरूप और ब्रह्मांड की रचना का वर्णन है। अभिषेक के दौरान इसका पाठ करना अत्यंत पवित्रता प्रदान करने वाला और आध्यात्मिक उत्थान करने वाला माना जाता है।

इस समारोह में आमतौर पर निम्नलिखित शामिल होते हैं:

1. गणेश पूजन एवं संकल्प

2. पुरुष सूक्त का 16 बार जाप करें

3. पंचामृत अभिषेक (दूध, दही, घी, शहद, चीनी)

4. फूल, तुलसी (विष्णु के लिए), या बिल्व पत्र (शिव के लिए) का अर्पण करना।

5. आरती और प्रसाद वितरण

संख्या 16 (षोडश) पूर्णता और परिपूर्णता का प्रतिनिधित्व करती है, जो समग्रता और दिव्य परिपूर्णता का प्रतीक है।

महत्त्व :

 

1. समग्र समृद्धि और स्थिरता लाता है: पुरुष सूक्त जीवन में प्रचुरता, धन और दैवीय व्यवस्था से जुड़ा है।

2. आध्यात्मिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा: बार-बार मंत्रोच्चार करने से वातावरण शुद्ध होता है और घर में आध्यात्मिक स्पंदन मजबूत होते हैं।

3. कैरियर और व्यवसाय में सफलता: अक्सर वित्तीय विकास, स्थिरता और दीर्घकालिक सफलता के लिए किया जाता है।

4. पारिवारिक जीवन में शांति और सद्भाव: परिवार के सदस्यों के बीच संतुलन, एकता और समझ बनाए रखने में मदद करता है।

5. पूर्णता और संतुष्टि: 16वां आवर्तन इच्छाओं की पूर्ति और समग्र कल्याण का प्रतीक है।

सामग्री

सूची

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